नैनीताल। भारी बारिश के चलते शिप्रा नदी उफान पर है। पिछले दो दिना में कैंची धाम व गरमपानी खैरना क्षेत्र में नदी का रौद्र रूप देखने को मिला। नदी क्षेत्र में जगह जगह रखी निर्माण सामग्री नदी के बहाव में बह गई।
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश से उत्तरवाहिनी शिप्रा का वेग कई गुना बढ़ जाने से कैंची, रातीघाट, पाडली व गरमपानी खैरना क्षेत्र के लोग दहशत में आ गए। कैंची क्षेत्र में मुख्य आश्रम के समीप तेज बहाव में बहती शिप्रा नदी का विडियो इंटरनेट प्लेटफार्म पर तेजी से वायरल होने से लोगों की चिंता बढ़ गई।प्रशासन की टीम ने भी स्थिति का जायजा लिया हालांकि आश्रम परिसर के आसपास मजबूत बाढ़ सुरक्षा कार्यों से नदी के तेज बहाव का कोई असर देखने को नहीं मिला। नदी क्षेत्र में जगह जगह रखी गई निर्माण सामग्री जरुर नदी के उफान की भेंट चढ़ गई।
देश के अलग-अलग शहरों में रहने वाले बाबा नीब करौरी के भक्तों ने कैंची व आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले परिचितों से स्थिति की जानकारी जुटाने में लगे रहे। बुधवार को नदी का बहाव कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली। सैकड़ों भक्त बाबा के दर पर शीश झुकाने पहुंचे। रामनगर क्षेत्र में कोसी और दाबका नदियां भी उफान पर बह रही हैं। पदमपुरी क्षेत्र में बहने वाली कालसा नदी में भी पानी का बहाव तेज है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की सुबह साढ़े नौ बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक नैनीताल स्नो व्यू में 217 मिलीमीटर, हल्द्वानी-काठगोदाम में 166 मिलीमीटर, मुक्तेश्वर और चोरगलिया में 107.7 मिलीमीटर, कैंची धाम में 105 मिलीमीटर और खनस्यू में 92.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश के चलते जिले में बड़ी संख्या में सड़कें भी प्रभावित हुई हैं। नैनीताल तहसील के अल्चैना-पांडेछोर क्षेत्र में ककड़िया नाले में अत्यधिक मलबा और पानी आने से आवास और गौशालाएं प्रभावित हुई। यहां 20 प्रभावित परिवारों को उनके मवेशियों सहित गांव में ही सुरक्षित स्थान पर विस्थापित किया गया है। फिलहाल बिजली और पेयजल आपूर्ति सामान्य बताई गई है, लेकिन प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की जा रही है।






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