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  • Written By: Admin
  • Published: September 02, 2026 01:39 PM IST
राज्य

आवासीय क्षेत्र में भूस्खलन से कई मकान खतरे की जद में

टिहरी। बुधवार सुबह उत्तराखण्ड में लगातार हो रही बारिश के बीच  नई टिहरी के बौराड़ी सेक्टर-8 डी में आवासीय मकानों के समीप अचानक बड़ा भूस्खलन होने से आसपास के कई मकान खतरे की जद में आ गए। जिसके बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना की सूचना मिलने के बाद राजस्व निरीक्षक मौके पर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया।
इस मामले में स्थानीय निवासी तोता राम भट्ट ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में जल्द से जल्द सुरक्षा और निर्माण कार्य कराया जाए। समय रहते सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो ऊपर बने मकानों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। उन्होंने आसपास के लोगों के जानमाल की सुरक्षा की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भूस्खलन प्रभावित स्थान पर सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए, तो ऊपर स्थित मकानों के लिए भी खतरा बढ़ सकता है।
भूस्खलन से प्रभावित लोगों का कहना है कि टिहरी जिले का आपदा प्रबंधन विभाग केवल एस्टीमेट बनाने तक सीमित न रहे, बल्कि आपदा प्रभावित लोगों की तत्काल मदद करे, ताकि उन्हें समय रहते राहत मिल सके और किसी बड़ी घटना को टाला जा सके।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भूस्खलन इतना तेज था कि घर के नीचे बना पुश्ता भरभराकर ढह गया। देखते ही देखते बड़ी मात्रा में मलबा नीचे आ गया। पुश्ता गिरने से वहां खड़ी एक स्कूटी मलबे में पूरी तरह दब गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया।
 पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र की जमीन लगातार कमजोर हो रही है। भूस्खलन के बाद आसपास के कई मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा है। जमीन धंसने और पुश्ते के टूटने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। इस मामले में टिहरी जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने कहा कि उप जिला अधिकारी को इस भूस्खलन के बारे में बता दिया गया है। जल्द ही इसके ट्रीटमेंट के कार्य के लिए कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सुरक्षा के लिए लोगों को उनके घरों से सुरक्षित जगह पर जाने को कह दिया है।

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