काठमांडू । उत्तरी नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने सीमावर्ती बस्तियों में भारी तबाही मचाई और निचले इलाकों के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है, जिनमें गाड़ियां बहती नजर आ रही हैं, पुल टूट गए हैं, लोग चीख—चिल्ला रहे हैं और कई घर मलबे में तब्दील हो गए हैं। भोटेकोशी नदी अपने साथ सबको बहा को ले जा रही है। बड़ी—बड़ी इमारत ताश के पत्तों की तरह बह रही है। काठमांडू पोस्ट के अनुसार अब तक कम से कम 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
बाढ़ के पानी ने बॉर्डर पर बसी बस्तियों में भारी तबाही मचाई है, जिसकी वजह से निचले इलाकों के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। बताया जा रहा है कि पानी तिब्बत की ओर से आया। बाढ़ से रसुवा जिले के तिमुरे और समीपवर्ती स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी नुकसान हुआ तथा वाहन, सामान और अन्य संपत्ति बह गई। आशंका है कि इस प्राकृतिक आपदा में बड़ी संख्या में जान—माल का नुकसान हुआ है।
बाढ़ के बाद कुल 28 सुरक्षाकर्मी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 19 नेपाल पुलिस और 9 आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवान शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, रसुवागढ़ी पुलिस पोस्ट पर तैनात 22 पुलिसकर्मियों में से 13 से संपर्क नहीं हो पा रहा है। वहीं, स्याब्रूबेसी क्षेत्र में तैनात नौ पुलिसकर्मियों में से छह से संपर्क टूट गया है। इसके अलावा तिमुरे बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात नौ जवानों से भी संपर्क नहीं हो पाया है। नेपाल के बाढ़ को देखते हुए बिहार के कई जिलों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा के नदी किनारे रहने वाले लोगों से अगले आदेश तक अत्यधिक सर्तक रहने और सुरक्षा उपाय करने की अपील की है। जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बुधवार को आई बाढ़ रसुवा में हुई बारिश के कारण नहीं आई है।
रसुवा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रूव प्रसाद अधिकारी ने कहा कि बाढ़ का स्तर असामान्य रूप से अधिक था और दोनों बस्तियों को काफी नुकसान हुआ है। नेपाल सेना ने त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में खोज एवं बचाव अभियान चलाने के लिए दो हेलीकॉप्टर भेजे हैं।
नेपाल की इस आपदा के बाद बिहार भी हाई अलर्ट पर है। बिहार आपदा प्रबंधन विभाग ने गंडक नदी में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। सभी जिलाधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल—पुलियों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने तथा स्थानीय समुदाय को समय पर अलर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान पानी में बह गए। हाल में बनाया गया एक पुल भी बह गया। नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि भीषण बाढ़ को देखते हुए बचाव और राहत अभियान तेज करने के लिए रसुवा और आसपास के इलाकों में नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। बाढ़ के बाद की स्थिति पर चर्चा करने और उससे निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जा रही है। नेपाल सेना ने त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में खोज एवं बचाव अभियान चलाने के लिए दो हेलीकॉप्टर भेजे हैं। सेना ने एक बयान में बताया कि आपातकालीन चिकित्सा बचाव दल से लैस एक एमआई—17 हेलीकॉप्टर को त्रिशूली स्थित जिला अस्पताल की ओर रवाना किया गया है।






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