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  • Written By: Admin
  • Published: August 13, 2026 04:21 PM IST
राज्य

खड़के के बाद मंच का शु़िद्धकरण के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोला

देहरादून। उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी कार्यक्रम के बाद मंच के शुद्धिकरण को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। इस प्रकरण को लेकर गुरूवार को  कांग्रेस ने प्रदेश भर में प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया।
दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बीते आठ अगस्त को उत्तराखंड के दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने हल्द्वानी के रामलीला ग्राउंड में जनसभा को संबोधित किया था। खड़गे ने जिस मंच से जनसभा को संबोधित किया है, उसी मंच का 11 अगस्त श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास संगठन ने शुद्धिकरण किया, जिसे बाद से ही प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस ने न सिर्फ इस घटना को निंदनीय बताया। इसी मामले पर कांग्रेस के पूर्व विधायक जीत राम टम्टा ने मंच के शुद्धिकरण को बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा इस प्रकार का कृत्य किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। जीत राम टम्टा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस तरह की राजनीति और इस प्रकार के कृत्यों में महारत हासिल कर ली है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संबोधन के बाद मंच का शुद्धिकरण किया जाना न केवल कांग्रेस का अपमान है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और इस घटना को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर धर्म और जाति की राजनीति किए जाने का आरोप भी लगाया है।
वहीं कांग्रेस के एससी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल ने कहा कि बीजेपी नेता जेपी नड्डा के माफी मांगने से मामला खत्म नहीं हो जाता। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नैनीताल के पुलिस कप्तान इस मामले में आंखें और कान बंद किए बैठे हैं। इस घटना से भाजपा और उसके संगठनों की दलित विरोधी मानसिकता उजागर हो गई है।
उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे या नेता प्रतिपक्ष का मामला नहीं है, बल्कि देश के उन करोड़ों लोगों के सम्मान और अधिकार का सवाल है, जो लंबे समय से हाशिए पर खड़े समाज से आते हैं। मदनलाल ने कहा कि लंबे समय से भेदभाव और अपमानजनक व्यवहार को सामान्य मानकर नजरअंदाज किया जाता रहा है, लेकिन अब ऐसे मामलों को चुपचाप स्वीकार करने का समय खत्म हो चुका है। कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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