ADVERTISMENT
  • Written By: Admin
  • Published: August 24, 2026 03:07 PM IST
राज्य

मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण की बैठक में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं में तीखी बहस

रुद्रपुर। सोमवार को मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण  को लेकर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में माहोल तनावपूर्ण रहा। कांग्रेस और भाजपा दो ही दल एक दुसरे पर आरोप लगाते दिखे।  मतदाता सूची में आपत्तियों और कथित दोहरे मतों को लेकर भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बैठक में भाजपा और कांग्रेस दोनों पक्षों ने अपना-अपना पक्ष प्रशासन के सामने रखा। भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए।
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का कहना है कि मतदाता सूची में आपत्ति दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर डबल वोट या संदिग्ध मतदाता प्रविष्टियों को लेकर आपत्तियां दर्ज की गईं। उनका दावा है कि इन आपत्तियों की जांच चुनाव आयोग और प्रशासन द्वारा नियमानुसार की जानी है। यदि जांच में कोई वोट नियमों के विपरीत पाया जाता है तो उसे हटाने की कार्रवाई कानून के अनुसार होनी चाहिए। भाजपा नेता के अनुसार, बैठक के दौरान जब उन्होंने आपत्तिकर्ताओं को धमकाए जाने का मुद्दा उठाया तो कांग्रेस के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के साथ उनकी तीखी बहस हो गई। शुक्ला का आरोप है कि इस दौरान कमिश्नर के सामने गाली-गलौज, अभद्र भाषा और कथित तौर पर जान से मारने तथा देख लेने जैसी धमकियां दी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस वक्त उपलब्ध नहीं है।
राजेश शुक्ला ने कहा कि बैठक का उद्देश्य संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पहले कांग्रेस पक्ष को सुना जाए और उसके बाद भाजपा सहित अन्य आपत्तिकर्ताओं का पक्ष भी निष्पक्ष रूप से सुना जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार आपत्ति दर्ज कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ आपत्तिकर्ताओं को असामाजिक तत्वों के माध्यम से डराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस से ऐसे मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। राजेश शुक्ला ने स्पष्ट कहा कि उनकी मांग किसी वर्ग विशेष के वोटों को प्रभावित करना बैठक के दौरान विवाद बढ़ने के बाद भाजपा नेताओं के एक समूह ने बाहर आकर अपना विरोध दर्ज कराया। भाजपा नेताओं ने कहा कि जब तक धमकी के आरोपों की जांच और कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे। पूरे घटनाक्रम को लेकर अब प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
उसके बाद सभी भाजपाई एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट कक्षा के बाहर ही धरने पर बैठ गए और कांग्रेसियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भाजपा जिला अध्यक्ष कमल जिंदल और शिव अरोड़ा रुद्रपुर विधायक व भाजपा के कई पदाधिकारी धरने पर बैठे हैं। नहीं, बल्कि शुद्ध और निष्पक्ष मतदाता सूची सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि चुनाव केवल उन्हीं मतदाताओं के आधार पर होना चाहिए जो नियमों के तहत पात्र हैं।

ADVERTISMENT

Today’s ePaper

Read today’s ePaper
ADVERTISMENT
ADVERTISMENT
×