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  • Written By: Admin
  • Published: February 21, 2026 12:02 PM IST
  • Updated: February 21, 2026 12:04 PM IST
उत्तराखंड

होली की रंगत में रंगा हल्द्वानी: चीर बंधन से रंगोत्सव तक, उल्लास और आस्था का भव्य संगम

फाल्गुन की हवाओं में घुलती रंगों की खुशबू और ढोलक की थाप… पहाड़ की तलहटी में बसे हल्द्वानी में होली की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। शहर एक बार फिर परंपरा, उल्लास और आस्था के रंगों में रंगने को तैयार है।

सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्राचीन रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों, ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने मिलकर होली के कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया। निर्णय लिया गया कि 27 फरवरी की सुबह 9 बजे सिंधी चौराहा और पटेल चौक स्थित होली ग्राउंड में पारंपरिक चीर बंधन की रस्म निभाई जाएगी। यही वह क्षण होगा, जब शहर में आधिकारिक रूप से होली उत्सव की शुरुआत मानी जाएगी।

2 मार्च की शाम 5 बजे से भजन संध्या का आयोजन होगा। ढोलक की थाप, मंजीरों की झंकार और फाल्गुनी गीतों की मिठास के बीच श्रद्धालु भक्ति में डूबेंगे। रात्रि 8:30 बजे सिंधी चौराहा स्थित स्थल पर विधिवत होलिका दहन पूजन होगा। बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक यह क्षण हर साल शहरवासियों को एक सूत्र में पिरो देता है।

4 मार्च को हल्द्वानी की गलियां रंगों से सराबोर होंगी। बच्चे पिचकारियों के साथ, युवा गुलाल उड़ाते और बुजुर्ग ठिठोली भरे अंदाज में एक-दूसरे को रंग लगाते नजर आएंगे। यही तो है इस पर्व की असली आत्मा—भाईचारा, अपनापन और प्रेम।

प्रशासन और आयोजन समिति ने नागरिकों से अपील की है कि होली को परंपरागत गरिमा, सौहार्द और शांति के साथ मनाएं। क्योंकि रंग तभी खिलते हैं, जब मन भी रंगा हो—ममता, विश्वास और मिलन के रंग में।

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