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  • Written By: Admin
  • Published: August 13, 2026 05:01 PM IST
राज्य

शिक्षण संस्थानों एवं इंडस्ट्री के बीच का गैप कम करने की आवश्यकता: सीएस

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरूवार को सचिवालय में तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थानों, फैकल्टी एवं विघार्थियों के विषय में विस्तार से जानकारी ली। बैठक के दौरान, उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर फोकस करने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि हमें शिक्षण संस्थानों एवं इंडस्ट्री के बीच का गैप कम करने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेश तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र के लिए रोड मैप तैयार किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेज से पासआउट होने वाले छात्रों को पीएम इंटर्नशिप योजना का लाभ दिलाने के लिए उनका मार्गदर्शन किए जाने की आवश्यकता है, इसके तहत युवाओं को देश की टॉप 500 कंपनियों में वास्तविक कार्य अनुभव मिलता है, साथ ही प्रति माह स्टाइपेंड और एकमुश्त जॉइनिंग अनुदान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं को विदेश में भी रोजगार मिल सके इसके लिए अपने कॉलेजों में ओवरसीज एम्प्लॉयर्स को प्लेसमेंट के लिए लगने वाले रोजगार मेलों में आमंत्रित किया जाए।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में 5—6 स्थानों पर तकनीकी शिक्षा हब के रूप में विकसित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यहां लैब, लाइब्रेरी और हॉस्टल्स जैसी सभी प्रकार की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध करायी जाएं। उन्होंने कहा कि नए प्रोजेक्ट्स का होलिस्टिक प्लान तैयार किया जाए, जिसमें लैब, लाइब्रेरी, होस्टल्स आदि का सम्पूर्ण प्लान उपलब्ध हो। उन्होंने पुराने इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेज भी सैचुरेशन प्लान तैयार किए जाने की बात कही। कहा कि फंडिंग कोई समस्या नहीं है, अच्छे प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाने चाहिए।
मुख्य सचिव ने अपने कॉलेजों को मजबूत किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा कि विभागों को स्टडी और कंसल्टेंसी के लिए एजेंसियां बाहर से हायर करने पड़ते हैं। हम राज्य में ऐसे इंस्टीट्यूशंस तैयार कर सकते हैं, जो विभिन्न विभागों को स्टडी और कंसल्टेंसी उपलब्ध करायें। इसके लिए अपने कॉलेजों को मजबूत किया जाए।साथ ही, उन्होंने इसके लिए फैकल्टी रिक्रूटमेंट पर भी फोकस किए जाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, वीसी यूटीयू डॉ. तृप्ता ठाकुर सहित पॉलीटेक्निक कॉलेजों के प्रधानाचार्य उपस्थित थे।

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